आज के लेक्चर में हम भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 3(2) को डिकोड करेंगे।
BNS की धारा 3(2) 'एक समान अर्थ' (Uniform Meaning) का बहुत ही महत्वपूर्ण नियम स्थापित करती है। इस धारा के अनुसार, इस संहिता (Sanhita) के किसी भी भाग में स्पष्ट किए गए किसी भी शब्द या अभिव्यक्ति (expression) का उपयोग पूरी संहिता में उसी अर्थ या स्पष्टीकरण के अनुरूप (in conformity with the explanation) किया जाएगा।
आसान भाषा में इसका क्या मतलब है? (Explanation in Simple Words) As a law student or lawyer, आपको यह समझना है कि BNS ने अपने शब्दों की एक पक्की 'डिक्शनरी' (Dictionary) बना दी है। यदि कानून ने किसी शब्द का एक विशेष कानूनी अर्थ (legal meaning) तय कर दिया है, तो संहिता के पहले पन्ने से लेकर आखिरी पन्ने तक उस शब्द का केवल वही अर्थ लागू होगा। आप अपनी मर्जी से या आम बोलचाल के अर्थ (general dictionary meaning) के आधार पर उसका कोई और मतलब नहीं निकाल सकते।
Memory Trick for Exams: इसे आप "One Word, One Meaning Rule" के नाम से याद रख सकते हैं।
Practical Examples to connect with other Sections (व्यावहारिक उदाहरण): आइए इसे BNS के अन्य प्रावधानों के साथ जोड़कर समझते हैं ताकि आपके Concepts बिल्कुल Clear हो जाएं:
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'Woman' (स्त्री) का उदाहरण: BNS की धारा 2(35) में 'स्त्री' (woman) की परिभाषा दी गई है, जिसका अर्थ है 'किसी भी आयु की नारी मानव' (female human being of any age)। अब, धारा 3(2) के 'Uniform Meaning' नियम के कारण, जब आप महिलाओं के खिलाफ अपराधों के अध्याय में धारा 74 (स्त्री की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला करना) पढ़ते हैं, तो वहाँ 'स्त्री' शब्द में एक 5 साल की बच्ची भी शामिल होगी और 90 साल की बुजुर्ग महिला भी। आप यह बचाव नहीं ले सकते कि पीड़िता एक 'बच्ची' है, 'स्त्री' नहीं।
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'Injury' (क्षति) का उदाहरण: मैंने आपको पहले भी बताया था कि BNS की धारा 2(14) में 'क्षति' (Injury) की परिभाषा में शरीर (Body), मन (Mind), ख्याति (Reputation) और संपत्ति (Property) को अवैध रूप से पहुंचाई गई हानि शामिल है (Our MBRP Trick!)। इसलिए, जब आप धारा 308 (Extortion / जबरन वसूली) पढ़ते हैं, जिसमें लिखा है कि किसी व्यक्ति को किसी भी 'क्षति' (Injury) के डर में डालना अपराध है, तो धारा 3(2) के नियम के अनुसार, यहाँ 'क्षति' का मतलब केवल शारीरिक चोट नहीं होगा, बल्कि इसमें 'ख्याति' (reputation) या 'मन' को पहुंचाई जाने वाली धमकी भी शामिल होगी।
So my dear students, always remember! BNS की किसी भी दंडात्मक धारा (penal section) की व्याख्या (interpretation) करते समय हमेशा धारा 3(2) के इस गोल्डन रूल को लागू करें और शब्दों के उसी अर्थ का प्रयोग करें जो कानून ने विशेष रूप से स्पष्ट किया है। Keep your concepts crystal clear and keep revising!
